बच्चे और एक पेड़ अपनी मां के नाम बच्चे और एक
अपने निर्देश में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय की मंशा के अनुरूप हरियाली का दायरा बढ़ाने के लिए व्यापक स्तर पर काम करना है। चूंकि छात्र-छात्राएं देश का भविष्य है।
अ तथा पालक अपने द्वारा लगाए गए पौधे का वृक्ष बनते तक पालन पोषण एवं सुरक्षा करेंगे। पौधारोपण हेतु उचित ऊँचाई के पौधे वन विभाग से प्राप्त किया जाना सुनिश्चित करने कहा गया है। इस हेतु जिले का शालावार कलेण्डर तैयार किया जाएगा। अपने निर्देश में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय की मंशा के अनुरूप हरियाली का दायरा बढ़ाने के लिए व्यापक स्तर पर काम करना है। अपने निर्देश में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय की मंशा के अनुरूप हरियाली का दायरा बढ़ाने के लिए व्यापक स्तर पर काम करना है। चूंकि छात्र-छात्राएं देश का भविष्य है। अतः इन्हे जोड़कर पर्यावरण संरक्षण के लिए भी उपयोगी कार्य किया जा सकता है। निदेर्शों के अंतर्गत ऐसे स्कूल जहाँ अहाता है, उनके किनारे-किनारे छायादार पेड़ जैसे नीम, गुलमोहर, करंज, अशोक, अर्जुन आदि लगाये जाने कहा गया है। विद्यार्थी, शिक्षक तथा पालक अपने द्वारा लगाए गए पौधे का वृक्ष बनते तक पालन पोषण एवं सुरक्षा करेंगे। पौधारोपण हेतु उचित ऊँचाई के पौधे वन विभाग से प्राप्त किया जाना सुनिश्चित करने कहा गया है। पौधारोपण हेतु उचित मापदण्ड के गड्ढे कराने तथा आवश्यक मात्रा में मिट्टी एवं खाद स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराने कहा गया है। पौधारोपण शाला प्रवेश उत्सव के दौरान किया जाएगा। इस हेतु जिले का शालावार कलेण्डर तैयार किया जाएगा। अपने निर्देश में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय की मंशा के अनुरूप हरियाली का
तथा पालक अपने द्वारा लगाए गए पौधे का वृक्ष बनते तक पालन पोषण एवं सुरक्षा करेंगे। पौधारोपण हेतु उचित ऊँचाई के पौधे वन विभाग से प्राप्त किया जाना सुनिश्चित करने कहा गया है। इस हेतु जिले का शालावार कलेण्डर तैयार किया जाएगा। अपने निर्देश में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय की मंशा के अनुरूप हरियाली का दायरा बढ़ाने के लिए व्यापक स्तर पर काम करना है। अपने निर्देश में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय की मंशा के अनुरूप हरियाली का दायरा बढ़ाने के लिए व्यापक स्तर पर काम करना है। चूंकि छात्र-छात्राएं देश का भविष्य है। अतः इन्हे जोड़कर पर्यावरण संरक्षण के लिए भी उपयोगी कार्य किया जा सकता है। निदेर्शों के अंतर्गत ऐसे स्कूल जहाँ अहाता है, उनके किनारे-किनारे छायादार पेड़ जैसे नीम, गुलमोहर, करंज, अशोक, अर्जुन आदि लगाये जाने कहा गया है। विद्यार्थी, शिक्षक तथा पालक अपने द्वारा लगाए गए पौधे का वृक्ष बनते तक पालन पोषण एवं सुरक्षा करेंगे। पौधारोपण हेतु उचित ऊँचाई के पौधे वन विभाग से प्राप्त किया जाना सुनिश्चित करने कहा गया है। पौधारोपण हेतु उचित मापदण्ड के गड्ढे कराने तथा आवश्यक मात्रा में मिट्टी एवं खाद स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराने कहा गया है। पौधारोपण शाला प्रवेश उत्सव के दौरान किया जाएगा। इस हेतु जिले का शालावार कलेण्डर तैयार किया जाएगा। अपने निर्देश में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय की मंशा के अनुरूप हरियाली का